प्राणवायु अर्थात आक्सीजन ही वह मूल तत्व है जो प्रतेयक प्राणी के जीवन का आधार है । प्राण के कारण ही किसी भी जीवधारी में चैतन्यता अथवा जीवंतता आती है । यही वह मूल तत्व है जो स्वयं तो अक्रिय है किन्तु जो ब्रह्मांड के समस्त जड़ तथा चेतन पदार्थों को सक्रियता प्रदान करता है । यह पंच महाभूतों = पृथ्वी , जल , अग्नि , वायु , तथा आकाश जिनके संयोग से ब्रह्मांड का निर्माण हुआ है , में तथा जिनके संयोग से शरीर का निर्माण हुआ है, सभी में व्याप्त है जैसे -
पृथ्वी = ऑक्सीजन +नाइट्रोजन + कार्बन + हाइड्रोजन
अग्नि = ऑक्सीजन + कार्बन
वायु = ऑक्सीजन + नाइट्रोजन + कार्बन डाइऑक्साइड
जल = ऑक्सीजन + हाइड्रोजन
आकाश = ऑक्सीजन सहित समस्त वायुविव तत्वों कि गति का आश्रय स्थल है । हमारे शरीर कि प्रतेयक कोशिका के निर्माण कि सरंचना में ऑक्सीजन कि अहम् भूमिका है । शरीर का दो तिहाई भाग केवल ऑक्सीजन से ही निर्मित है



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